'नमक' की तरह हो गयी है जिंदगी..!
लोग 'स्वादानुसार' इस्तेमाल कर लेते हैं..!!
लोग 'स्वादानुसार' इस्तेमाल कर लेते हैं..!!
भूख से मरने वालों की,
पोस्टमार्टम रिपोर्ट बड़ी अजीब थी...
पेट खाली, दिल भरा,
आँखों में शर्म और जुबाँ पे तहजीब थी...
टुट जाते है रिश्ते गरीबों के जो खास होते है,
दुश्मन भी दोस्त बन जाते है जब पैसे पास होते है.
कोई ले रहा था मजे इस मौसम-ए-बरसात के,
और कोई दुआ कर रहा था की उसके घर की छत्त सलामत रहे॥
ना उजाड़ ए - खुदा किसी के आशियाने को,
वक़्त बहुत लगता है, एक छोटा सा घर बनाने को...
जो पूरी रात जागता है, जरूरी नहीं कि वह सिर्फ आशिक ही हो,
वो देश पर मर मिटने वाला सैनिक भी हो सकता है.
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Were this world an endless plain, and by sailing eastward we could for ever reach new distances