ना जाने वो कौन सी डोर है,
जो तुझ संग जुङी है...!!
दूर जायें तो टूटने का ङर है,
पास आयें तो उलझने का डर है.....!!
जो तुझ संग जुङी है...!!
दूर जायें तो टूटने का ङर है,
पास आयें तो उलझने का डर है.....!!
Author:Kaushal Gajjar
Email:kgajjar20@gmail.com
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