"हमने अपने नसिब से ज्यादा
अपने दोस्तो पर भरोसा रखा है."
क्यु की नसिब तो बहोत बार बदला है".
लैकिन मेरे दोस्त अभी भी वहि है".
अपने दोस्तो पर भरोसा रखा है."
क्यु की नसिब तो बहोत बार बदला है".
लैकिन मेरे दोस्त अभी भी वहि है".
Author:Kaushal Gajjar
Email:kgajjar20@gmail.com
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