तेरी आवाज़ तेरे रूप की पहचान है;
तेरे दिल की धड़कन में दिल की जान है;
ना सुनूं जिस दिन तेरी बातें;
लगता है उस रोज़ ये जिस्म बेजान है।
तेरे दिल की धड़कन में दिल की जान है;
ना सुनूं जिस दिन तेरी बातें;
लगता है उस रोज़ ये जिस्म बेजान है।
Author:Kaushal Gajjar
Email:kgajjar20@gmail.com
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