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#Hindi Shayari

कभी कवल तो कभी गुलाब लगती है,
तू हमेशा बहारों का ख्वाब लगती है,
बिन पिए ही डगमगाते हैं मेरे कदम ,
तेरी गली की हवा भी अब मुझे शराब लगती है !!

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