तु चाहे कितना भी नवरात्री मे गरबा खेल ले पर पगली...
रोनक तो तेरे चेहरे पे तभी आयेगी जब हम तुम्हे देखने आयेगे...
तु चाहे कितना भी नवरात्री मे गरबा खेल ले पर पगली...
रोनक तो तेरे चेहरे पे तभी आयेगी जब हम तुम्हे देखने आयेगे...
Author:Kaushal Gajjar
Email:kgajjar20@gmail.com
0 comments: